गणेश चतुर्थी विशेष (सकट चौथ) लेख
जानिये मुहूर्त, महत्व और चंद्रोदय कब होगा
प्रिय भक्तजनों माघ मास की चतुर्थी तिथि को गणेश संकष्टी चतुर्थी अर्थात् (सकट चौथ) कहा जाता है। इस दिन माताएँ उपवास(व्रत )रखती हैं। व अपने पुत्र की स्वस्थ व् दीर्घायुः की कामना के लिए व्रत रखती व भगवान की पूजा करके अर्घ्य निवेदित करती हैं।
इसी दिन तिलकूट (तिल के लड्डू)का प्रसाद बनाकर माताएँ भगवान गणेश को भोग लगाती है और उसका प्रसाद वितरित करती है
वेद विभूषण सन्देश जी अयोध्या के द्वारा हृषिकेश पञ्चाङ्ग काशी के अनुसार प्रत्येक वर्ष की भाँति इस बार गणेश चतुर्थी 31 जनवरी दिन रविवार को ही मनाया जायेगा क्योंकि सोमवार को चन्द्रोदय 09:21पर होगा जबकि चतुर्थी तिथि 07:57 पर समाप्त हो जायेगी ततपश्चात् पंचमी तिथि आरम्भ हो जायेगी इसलिये रविवार को ही मनाना श्रेष्ठ रहेगा
इस दिन माताएं गणेश जी की पूजा कर भगवान को भोग लगाकर कथा सुनती हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही गणेश जी का व्रत संपन्न होता है। सकट चौथ के दिन गणेश जी के संकटमोचन का पाठ करना अच्छा माना जाता है। सकट चौथ के दिन भगवान गणेश के साथ चंद्रदेव की पूजा भी की जाती है। इस दिन माताएँ निर्जला व्रत रखती हैं। रात में चन्द्रदर्शन के पश्चात अर्घ्य देती हैं और पूजन करके अपने पुत्रों के लिये यशवान जीवन व् दीर्घायुः की कामना करती है








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